Thursday, September 15, 2016

वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ

वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः
गुरुरेव परंब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः

गणेश शरणम शरणम गणेशा  
सिध्धि विनायक शरणम गणेशा
बुधि प्रदायक शरणम गणेशा 
गणेश शरणम शरणम गणेशा
मंगल मूर्ति शरणम गणेशा 
लंबोदर हे शरणम गणेशा
गणेश शरणम शरणम गणेशा

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